माँ और बच्चे का रिश्ता
माँ एक बच्चे का रिश्ता ऐसा होता है,
जो शब्दों से नहीं, साँसों से जुड़ा होता है।
बच्चा रोए तो माँ का दिल काँप जाता है,
दर्द उसका हो या न हो, आँसू माँ के आ जाते हैं।
माँ खुद भूखी रह लेती है,
पर बच्चे की थाली पूरी देखना चाहती है।
अपनी नींद, अपने ख्वाब
सब चुपचाप उसके नाम कर जाती है।
बच्चा गिर जाए तो
दुनिया हँस भी दे,
माँ की गोद फिर भी
सबसे सुरक्षित जगह बन जाती है।
वो रिश्ता नहीं गिनता एहसान,
न उम्र देखता है, न हालात।
बच्चा चाहे बड़ा हो जाए,
माँ के लिए वो हमेशा बच्चा ही रहता है।
माँ और बच्चे का रिश्ता
ईश्वर का सबसे खूबसूरत करिश्मा है—
जहाँ बिना शर्त प्यार है,
और बिना कहे समझ लेना ही सब कुछ है। 🌸