ऐसा एक पल जब रिलाइजं होता है जो प्यार तुम खुद का समझते थे ,वह बस एक छलावा और दिखावा है ।
असल में प्यार तुम्हारा है ही नही।😭😭😭😭😭😭😭😭😭😭😭😭😭😭😭
दुनिया के शोर से परेशान हूँ,
साथ रहना अब मंज़ूर नहीं।
अकेला चलूँ तो सुकून है इसमें,
किसी के साथ चलना अब मंज़ूर नहीं।
जब तक साथ थे,
मैंने धोखा ही तो खाया।
नज़रों से तू जो गिर गया,
तेरा प्यार अब मंज़ूर नहीं।
हो सके तो भुला देना सब कुछ,
अब याद रखना मंज़ूर नहीं।
ख़्वाब बहुत बड़े हैं तुम्हारे,
उन्हें निभा पाना अब मंज़ूर नहीं।
अकेला चलूँ तो सुकून है इसमें,
किसी के साथ चलना मंज़ूर नहीं।
देखा है मैंने वो दौर भी,
जब तू किसी और के साथ था।
तू कभी मेरा था,
अब किसी और का है।
छलावा था प्यार जताना तेरा,
अब वो भी मुझे मंज़ूर नहीं।