Hindi Quote in Story by Raju kumar Chaudhary

Story quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

महाशिवरात्रि व्रत कथा🕉️ महाशिवरात्रि व्रत कथा – काव्य रूप
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात आई,
अंधकार में चंद्रमा की रौशनी छाई।
वन में गूँज उठे कानों में शांति के स्वर,
शिवभक्तों के हृदय में जागा था अमर प्रेम का असर।
🔹 कथा प्रारंभ
एक नगर में शिकारी सुदर्शन रहता,
हिंसा और शिकार में ही उसका जीवन बसता।
धन-धान्य से उसका घर भरा नहीं था,
बल्कि पाप और अपराध उसका दिनभर का व्यायाम था।
एक दिन वन में वह चला, शिकार की खोज में,
परंतु न मिला शिकार, न सुख, न आज की रोज़मर्रा में।
भूखा, थका और प्यासा, वह बेल वृक्ष पर चढ़ा,
जहाँ नीचे शिवलिंग खड़ा था, जैसे स्वयं शिव वहीं बसा।
रात हुई, अंधेरा छाया,
सुदर्शन ने पत्तियाँ तोड़कर गिराया।
अनजाने में ही अर्पित हुए बेलपत्र,
शिवलिंग पर बूँद-बूँद गिरा, जैसे अमृतधारा।
🔹 शिव का आशीर्वाद
भूखा-प्यासा, थका और भयभीत,
शिकारी जागरण करता रहा, रातभर अनन्य प्रीत।
तभी प्रकट हुए भोलेनाथ, त्रिनेत्रधारी,
कहा, “हे सुदर्शन, तेरा हृदय हुआ पावन, तू बन गया भक्त सच्चा और सारा।
तेरे पाप नष्ट हुए, करुणा जागी है,
अब धर्ममार्ग पर चल, जीवन में विजय पाओगे।”
🔹 व्रत का महत्व
शिवभक्ति केवल दिखावा नहीं,
मन और हृदय से होना चाहिए यही सही।
अनजाने में भी किया गया पुण्य,
भविष्य को करता है प्रकाशमय और सुंदर।
जो भक्त शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें,
जागरण करें और मंत्र “ॐ नमः शिवाय” जपें,
उनका जीवन हो जाता है सुख-समृद्धि और शांति से भरा।
🕉️ शिव भक्ति संदेश:
“सच्चा भक्त वही है जो मन, वचन और कर्म से शिव की भक्ति करता है।
अंधकार में भी प्रकाश पाता है वही, जो निष्ठा से व्रत निभाता है।”
हर-हर महादेव! 🙏🕉️ महाशिवरात्रि व्रत कथा (संक्षिप्त पाठ)
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी के दिन भक्तगण भगवान भगवान शिव का व्रत रखते हैं। प्राचीन काल में एक शिकारी था, जो जीवों की हत्या करके अपना जीवन चलाता था। एक दिन वह शिकार की खोज में वन में गया, परंतु उसे कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ। रात होने पर वह एक बेल वृक्ष पर चढ़ गया। उस वृक्ष के नीचे एक शिवलिंग स्थापित था।
रातभर जागते हुए वह बेलपत्र तोड़कर नीचे गिराता रहा। संयोग से वे पत्ते शिवलिंग पर गिरते रहे। उस दिन महाशिवरात्रि थी। शिकारी भूखा-प्यासा रहा और पूरी रात जागरण करता रहा। इस प्रकार उससे अनजाने में ही महाशिवरात्रि का व्रत पूर्ण हो गया।
प्रातःकाल भगवान शिव प्रकट हुए और बोले—
“हे भक्त! तुमने अज्ञानवश भी मेरा व्रत किया है। तुम्हारे पाप नष्ट हो गए हैं।”
इस प्रकार शिकारी का हृदय परिवर्तन हुआ और वह धर्ममार्ग पर चल पड़ा।
🌿 व्रत विधि (संक्षेप में)
प्रातः स्नान करके व्रत का संकल्प लें।
शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद से अभिषेक करें।
बेलपत्र, धतूरा और फल अर्पित करें।
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें।
रात्रि जागरण करें और शिव कथा का श्रवण करें।
जो भक्त श्रद्धा से यह व्रत करते हैं, उन पर भगवान शिव की कृपा बनी रहती है।
🕉️ हर-हर महादेव 🙏🕉️ महाशिवरात्रि व्रत कथा
फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि, भगवान भगवान शिव की आराधना का सर्वोच्च पर्व माना जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस रात्रि में सच्चे मन से किया गया व्रत और जागरण अनेक जन्मों के पापों का नाश करता है।
📖 प्राचीन कथा
एक समय की बात है। एक नगर में “सुदर्शन” नाम का एक शिकारी रहता था। वह हिंसक स्वभाव का था और जीवों का शिकार करके ही अपना जीवन यापन करता था। एक दिन शिकार की खोज में वह घने वन में चला गया। दिनभर भटकने के बाद भी उसे कोई शिकार नहीं मिला। भूख और प्यास से व्याकुल होकर वह एक बेल (बिल्व) वृक्ष पर चढ़ गया ताकि रात वहीं बिता सके।
उस वृक्ष के नीचे संयोगवश एक शिवलिंग स्थापित था, जिसकी उसे जानकारी नहीं थी। रात भर जागते हुए उसने समय बिताने के लिए वृक्ष की पत्तियाँ तोड़कर नीचे गिरानी शुरू कीं। वे बेलपत्र सीधे शिवलिंग पर गिरते रहे। अनजाने में ही उसने भगवान शिव पर बेलपत्र अर्पित कर दिए।
उस दिन महाशिवरात्रि थी। भूखा-प्यासा रहकर उसने उपवास किया, रातभर जागरण भी किया, और बेलपत्र भी अर्पित किए—अर्थात व्रत की सारी विधि अनजाने में पूर्ण हो गई।
रात के अंतिम प्रहर में एक हिरणी वहाँ आई। शिकारी ने तीर चढ़ाया, पर हिरणी ने विनती की—“मैं अपने बच्चों से मिलकर लौट आऊँगी।” उसकी करुण पुकार सुनकर शिकारी का हृदय पिघल गया। उसने उसे जाने दिया। धीरे-धीरे उसका मन परिवर्तन होने लगा।
तभी भगवान शिव प्रकट हुए और बोले—
“हे सुदर्शन! अनजाने में भी तुमने महाशिवरात्रि का व्रत किया है। तुम्हारे पाप क्षीण हो गए हैं। तुम्हारे हृदय में करुणा जागी है—यही सच्ची भक्ति है।”
भगवान शिव ने उसे मोक्ष का वरदान दिया और उसका जीवन धर्ममय हो गया।
🌿 व्रत का संदेश
सच्ची भक्ति केवल विधि से नहीं, भावना से होती है।
अनजाने में भी किया गया शुभ कर्म जीवन बदल सकता है।
करुणा और दया ही शिवत्व की पहचान है।
जो भक्त श्रद्धा और नियम से महाशिवरात्रि का व्रत करते हैं, उन्हें भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इस पावन रात्रि में उपवास, रुद्राभिषेक, बेलपत्र अर्पण और जागरण करने से मन, बुद्धि और आत्मा शुद्ध होती है।
🕉️
“शिव की भक्ति में जो लीन हो जाता है,
वह भय, दुख और बंधन से मुक्त हो जाता है।”
हर-हर महादेव! �

Hindi Story by Raju kumar Chaudhary : 112016102

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now