मुसीबतें तकलीफें या गरीबी
न सिर्फ कर्म का फल होती है, लेकिन वह कभी कभी हमारे जीवन की उन्नती की कल भी हो सकती है,
और ऐसे हालात में से बहार निकलने के लिए, हर किसीके सामने दो रास्ते होते हैं
एक होता है सही रास्ता, और दूसरा रास्ता होता है गलत रास्ता.
हाँ सही रास्ता अक्सर कठिन होता है
और गलत रास्ता फिलहाल आसान लगता है, मगर.....
यदि हम कठिन रास्ता चुनते हैं
तो हमारा आगे का रास्ता अपनेआप आसान होता जाता है, लेकिन जब हम अभी आसान रास्ता ( गलत ) चुनते हैं, तो हमारे जीवन के आगे के रास्ते न सिर्फ कठिन बनते जाते हैं, साथ ही साथ रास्ते कम, और हम अकेले और निस्सहाय भी होते जाते हैं.