जो आंखों पढ़ लेते हैं
कविता
ऐ आंखें बहुत प्यारे होते हैं
बिना बोले बहुत कुछ कहे देता है
इन आंखों का भाषा
जो जल्दी समझ लेते हैं
उसे आखिर में सबसे ज्यादा तकलीफ होते हैं
किसी मीठी बातों के पीछे की जहर
किसी के दिखावे के पीछे मतलब
किसी के प्यार के पीछे वो राज
किसी के हंसी के पीछे के दर्द
किसी शांत चेहरे के पीछे की हलचल
हजारो दर्द हजारो सिकायते
हजारों मतलब हजारों इरादे
और हजारों राज जो लोगों के अंदर दफन होती है
हंसते और खामोश आंखें
शांत चेहरे देखकर
जो इंसान दिल और दिमाग को पढ़ सकते हैं
वो इनसान
जिंदगी में कभी खुश रहे ही नहीं पाते
यह सच बड़ी दर्दनाक है
पर यही तो सच्चाई है
जो हर आंखों से छुप जाती है
पर एक आंखें जो नोटिस करती है
वह अंदर से टूट जाती है
मतलब से भरी दुनिया स्वार्थी लोग
जैसे हम अपने कहते हैं
वह सब हमारी जिंदगी में जुड़े होते हैं
हर वक्त हमारे बनकर
और हम उनके साथ खुश रहना चाहते हैं
पर जो किसी की चुप्पी को भी पढ़ सकता है
वह चाह कर भी खुश नहीं रह पाते
लोगों की झूठ फरेव इन आंखों में साफ दिखता है
चाहे लोग
जिस हद तक छुपाने की कोशिश करें
बरसों से दिल में छुपाए हुए बैठे रहे
और वही ऐसे लोगों से नहीं छिपती
जो लोग
आंखें देख कर तबरीयत जान लेते हैं
तो यह दुनिया उनके लिए अनजान कैसे होंगे
और ऐसे लोग जल्दी थकते हैं
रिश्तो से लोगों से दुनिया से
और हद से ज्यादा खुद से भी
और तो और यहां तक
हद से ज्यादा सावधान रहते हैं
और डरते भी हैं
इस दुनिया से इस दुनिया की सच्चाई
और शायद खुद से भी