—तय मुलाकात—
कल फिर मुलाकात करेंगे तुमसे,
अधूरी ये बात फिर करेंगे तुमसे।
जो दिल में छिपे हैं जज़्बात अभी,
वो मिलकर बयां फिर करेंगे तुमसे।
अब क्यों उदास हो तुम...
कल फिर मिलेंगे तो हम!
ऐसे ना तुम अब करो,
इंतजार थोड़ा तो करो।
हम भी बेचैन हैं थोड़े, जुदा होने से डरें,
रात ही की तो बात है, फिर तय मुलाकात है।
अब मुस्कुरा दो तो जरा,
इस गम को भुला दो जरा।
चलो अब उठ जाते हैं, अपने घर को जाते हैं,
रात रोके तो क्या, एक-दूजे के ख़्वाब में आ जाते हैं।"
-MASHAALLHA