कुछ रिश्ते किस्मत से नहीं...दुआओं से मिलते हैं।
जिसे दिल ने अपना माना,उसके लिए लड़ना भी आता हैऔर उसके लिए दुआ करना भी।
मैंने प्रेम को कभी बंधन नहीं माना...क्योंकि सच्चा प्रेम वही हैजो अपनी मर्ज़ी से साथ रहे।
वो मेरी खुशी है,मेरा सुकून है,मेरी दुआओं का वो हिस्सा हैजिसे मैंने दिल से माँगा है।
और हाँ...मेरे प्यार की गहराई,मेरी खामोशी,मेरे तेवर और मेरी वफ़ा...हर कोई समझ नहीं सकता।