सफ़र का असली मुकाम
हौसलों के पर लगा कर, आसमान को चीर दे,
जो डराए हर अँधेरे को, वो रोशनी तू कर दे।
राहें कितनी भी कठिन हों, थक कर बैठना नहीं,
मंजिलें खुद चलकर आएंगी, तू कदम पीछे खींच मत कहीं।
दर्द की हर एक सीढ़ी पर, मुस्कान का पहरा रख,
अपने अंदर के जुनूँ को, तू हमेशा जिंदा रख।
लोग क्या कहते हैं इस बात से तू बेपरवाह हो जा,
अपनी मेहनत के दम पर, तू अपनी एक अलग मिसाल बना।
वक्त बदलता है, पलक झपकते ही सारा जहां बदलता है,
कोशिश करने वालों का ही, इतिहास नया बनता है।
उठ खड़ा हो, बांहें फैला, और दुनिया को दिखा दे,
तूफान भी रास्ता दे देंगे, ऐसा अपना हुनर बना दे!
आँधियों के शोर में भी, अपनी धुन को पहचान तू,
हार की हर एक ठोकर से, सीख नया ज्ञान तू।
तेरे पसीने की एक-एक बूंद, तेरी तकदीर बदलेगी,
देखना, एक दिन यह सारी दुनिया, तेरे आगे झुकेगी।
मत घबरा इन रातों से, सुबह का सूरज तेरे लिए ही आएगा,
जो तूने आज बोया है, कल वही पेड़ फल लाएगा।
चल पड़ तू अपनी मंजिल की ओर, बेख़ौफ़ और निडर होकर,
तेरी जीत का परचम लहराएगा, आसमान पर छाकर!
~Shubhra Dubey