पर्व विजयदशमी का (29/9/26)
पर्व विजयदशमी का
जीत सत्य की असत्य पर
जीत अच्छाई की बुराई पर
होता है मंचन रामलीला का
सदियों से चली आ रही परंपरा
लगते हैं मेले शाम को
खुश होते हैं बच्चे
पीटते हैं ताली
पर क्या हम सिखा पाए
अपने बच्चों को
कैसे प्राप्त करते हैं
विजय दस इंद्रियों पर
दस विकारों पर
क्या हम मार पाए
अपने अंदर का रावण
कर पाए किसी स्त्री की रक्षा
करना नारी का सम्मान
पर स्त्री है मां समान
है सार्थक तभी कोई परंपरा
जब जिएं आदर्शों को
उतारें व्यवहार में
वाणी-कर्म से दे सबको सम्मान
तभी होगी विजय धर्म की अधर्म पर
तभी होगा असली
पर्व विजयदशमी का
डॉ वंदना शर्मा नई दिल्ली