अंधेरों से डरना नहीं
जो पथ में मिले तूफ़ान भारी,
तू खुद से न हिम्मत हार कभी।
तू सूरज जैसा तेज लिए,
अंधेरों से डरना नहीं कभी।
रास्तों में पत्थर आएंगे,
तेरे पैरों को बहकाएंगे।
पर तू अपनी मंजिल ध्यान रख,
कदमों को अपने रोके न कभी।
गिरकर उठना, उठकर चलना,
है यही जीवन का असली गहना।
जो थककर बैठ गया रस्ते में,
उसने क्या पाया जीवन में कभी?
तू आग है, तू ही आंधी है,
तेरे इरादों में बड़ी रवानी है।
लिख दे तू खुद अपनी कहानी,
जो मिसाल बन जाए दुनिया में कभी।
तो उठ, खड़ा हो और आगे बढ़,
हर मुश्किल का तू सामना कर।
जीत तेरी ही होगी एक दिन,
बस मन में विश्वास तू बनाए रख।
- Shubhra Dubey