जब हर एक मोड़ पर एहसास होता है,
जिंदगी का असली रूप तब पास होता है।
जो भीड़ में भी अकेलापन सा महसूस हो,
वही इंसान खुद के सबसे ज्यादा पास होता है।
हम दौड़ते हैं रोज एक अनजानी मंजिल की ओर,
सुकून कहीं पीछे छूट जाता है शोर के बीच।
पर जब ठहर कर कोई लम्हा सोचता है इंसान,
तो समझ आता है क्या सचमुच खास होता है।
ये दुनिया रंग बदलती है मौसम की तरह यहाँ,
हर चेहरा यहाँ मुखौटा ओढ़े नजर आता है।
मगर जो पहचान ले खामोशियों की जुबान को,
उसी को हर एक धोखा बेनकाब नजर आता है।
वक्त के समंदर में सब कुछ बह जाता है धीरे-धीरे,
न निशान बचते हैं पैरों के, न कोई कहानी रहती है।
बस रह जाती है तो अपनों की वो यादें पीछे,
जिनका हर एक पल दिल के बहुत पास रहता है।
इसलिए जियो इस तरह कि कोई मलाल न रहे बाकी,
हर साँस को ऐसे मानो जैसे आखिरी हो सौगात।
जब सीने में जाग उठे इंसानियत का जज्बा सच्चा,
तभी समझो कि जीवन का हर एक पल आबाद होता है।