hukmaurhasrat Quotes in Hindi, Gujarati, Marathi and English | Matrubharti

hukmaurhasrat Quotes, often spoken by influential individuals or derived from literature, can spark motivation and encourage people to take action. Whether it's facing challenges or overcoming obstacles, reading or hearing a powerful hukmaurhasrat quote can lift spirits and rekindle determination. hukmaurhasrat Quotes distill complex ideas or experiences into short, memorable phrases. They carry timeless wisdom that often helps people navigate life situations, offering clarity and insight in just a few words.

hukmaurhasrat bites

अर्जुन धीरे-धीरे आगे बढ़ा और उसके पास आया।

“आप यहाँ बैठी हैं — ये जगह सबसे ज्यादा ओपन है। कोई भी हमला यहाँ से सबसे आसान है।”



“क्या आपको लगता है कोई मुझे रंगोली बनाते वक्त मार देगा?”

“खतरे टाइम देखकर नहीं आते,



"हां और न ही आप।”सिया फुसफुसाई।अर्जुन ने उसकी साड़ी का पल्लू हल्के से उठाया —

“ये कोना ज़मीन से घिस रहा था, आप गिर सकती थीं।”सिया ने अर्जुन को देखा ,जो उसे ही एकटक देख रहा था,सिया को काव्या की बात याद आई। उसकी नजर काव्या के मुस्कुराते चेहरे पर पड़ी मानो कह रही हो"देखा ?" सिया ने अपना सिर झटका ।

"थैंक यू!"💕



तभी.....

एक रंग की प्लेट खिसककर दूर जा गिरी।

सिया ने उसे उठाने के लिए झुकना चाहा —

लेकिन उससे पहले अर्जुन ने वो प्लेट उठाई… और गलती से उसकी उँगलियाँ सिया की उँगलियों से टकरा गईं।💗





वो पल… धीमा, गर्म, और कुछ कहता हुआ।

एक पल को सब कुछ ठहर गया।✨



सिया ने उसकी उँगलियों की पकड़ महसूस की — मज़बूत, मगर निडर हुई।💕✨



“छोड़िए...”सिया ने हल्की आवाज में कहा।

“गिर जातीं आप।”



#hukmaurhasrat

जल्द ही 🔥🔥

#अध्याय5

~diksha

महल के प्रांगण में हलचल थी। आज “जयगढ़ रंगोत्सव” था — जिसमें महल के सदस्य रंगोली बनाते थे, मिठाइयाँ तैयार होती थीं और मेहमानों का स्वागत होता था।💕✨





सिया सफेद अनारकली में सीढ़ियों से उतरी तो महल की सादगी में जैसे चाँद उतर आया हो।✨



उसके लंबे, खुले बाल लहरों की तरह बह रहे थे। बड़ी-बड़ी बादामी आँखें — जिनमें चंचलता भी थी और चुनौती भी। उसकी मुस्कान… जैसे किसी बंद बगीचे में अचानक खिला फूल।💕



और जब वो चलती, तो यूँ लगता जैसे हवा उसकी चाल से दिशा बदलती हो।



अर्जुन ने उसे देखते हुए नजरें मोड़ लीं —😑

लेकिन उसके अंदर कुछ चुभा। वो ठंडी आँखों वाला रक्षक, एक पल के लिए... देखना भूल गया कि वो किसे बचा रहा है, और क्यों।



महल के आँगन में रंगोली प्रतियोगिता रखी गई थी।

सिया ज़िद करके खुद भी बैठ गई — रंग बिखेरते हुए।

"आप रंगोली बनाएंगी?”

काव्या ने पूछा।



“हाँ,” सिया ने मुस्कराकर कहा, “मैं रंगों से डरती नहीं। चाहे उनमें ज़हर भी छिपा हो।😏”सिया ने तिरछी निगाहों से अर्जुन को देखा।

#hukmaurhasrat

जल्द ही🔥

जल्द ही अध्याय 3🔥



"जो मैं हूं, वो जानने का दम है तो जानने की कीमत भी चुकानी होगी।”🔥



"अभी तो मैंने सिर्फ़ आपको शर्मिंदा किया है,"



सिया मुस्कुराई, "आप इतने इमोशनल क्यों हो जाते हैं?" 😅



"मैं सिर्फ़ वहाँ इमोशनल होता हूं जहाँ मैं दिल रखता हूं,"😑



"और मैं अपने सीने में पत्थर रखता हूं।"सिया ने उसकी बात पे मुंह बना लिया।😒



"खडूस!"😑

"मुझे सुनाई दे रहा है"!!

"हां,तो सुनाने के लिए ही कहा है"!!

"राजकुमारी!आपको ये बाते सोभा नही देती!!



"लो!अब ये मेरी दादी भी बनेगा! बॉडीगार्ड कम था क्या?सिया मन ही मन मुंह बना कर बोली। 😙



तभी अर्जुन का फोन बजने लगा।

#hukmaurhasrat

#Para 💗 hearts forever

#Arsia

~Diksha mis kahani