"खुद मे जवाब "
"पहले न कोई जानता था ,
न ही कोई पहचानता था ,
जैसे इस पूरी दुनिया मे
मेरा कोई नाम ही नही था ।
फिर मैने खुद को ढूंढा,
और खुद से ही पूछा-
क्या मुझे बनना पडेगा
दुनिया का परछावा ,
ताकि मै कर पाऊँ
अपने हुनर का दिखावा ?"
फिर मेरे अंदर से एक आवाज आई
कि दुनिया नही पंसद करती परछाई,
अगर तुम्हे करना है कुछ लाजवाब
तो तुम्हारे अंदर ही है
हर मुश्किल के जवाब ।
written
by
Neeti