उतार चढ़ाव है जीवन का हिस्सा
कौन नहीं इन उबड़-खाबड़ राहों से गुजरा ।
जीवन होता अगर इतना आसान
खुद को ही भगवान समझने लगता हर इंसान।
देख समस्या क्यों इतना घबराना
धीरे धीरे उलझी गांठों को सुलझाना।
समस्या लेकर आती खुद समाधान
धीरज धर कर सही वक्त का इंतजार।
हर बात को क्यों देना इतनी तवज्जो
नजरअंदाज कर उन्हें जिंदगी में आगे बढ़ो।
जिंदगी के हर पल का आनंद मनाओ
कल की चिंता में आज की खुशियां मत गंवाओ।।
सरोज प्रजापति ✍🏻
- Saroj Prajapati