शीर्षक: आओ नई शुरुआत करते हैं
आओ नई शुरुआत करते हैं
एक कप चाय के साथ
फिर कोई नई बात करते हैं
कब तक यूं ही लड़ते रहेंगे
गिले-शिकवे आपस में करते रहेंगे
छोड़ो अतीत के पन्ने , आओ
फिर से कोई नई कहानी लिखते हैं
आओ नई शुरुआत करते हैं
कुछ तुम बदलो अपनी आदत
थोड़ा हम भी बदलते हैं
कुछ तुम सुनो मेरी
थोड़ा हम भी तुम्हें सुनते हैं
बीत गई सो बीत गई
पुरानी बातों से नहीं
अपना मूड खराब करते हैं
मोहब्बत तुमको भी है
मोहब्बत हमको भी है
फिर क्यों ये रिश्ता खराब करते हैं
तुम शब्द मैं अर्थ
तुम गीत मैं स्वर
तुम बिन मैं व्यर्थ
तुम बढ़ो एक कदम
हम भी साथ चलते हैं
चाह हो निभाने की
तभी रिश्ते दूर तक चलते हैं
आओ नई शुरुआत करते हैं
फिर नई मुलाकात करते हैं।
डॉ वंदना शर्मा पांडव नगर नई दिल्ली