काश !! होती दुनिया इतनी हसीन,,
जैसे दरवाज़े मनभावन रंगीन,
गम न कोई अंदर आ पाता,
दुःख बाहर से ही चला जाता,
उदासी न बिखेरती छाया,
बिछोह का न पड़ पाता साया,
बस खुशियों की होती खटखटाहट,
प्रेम की बस होती बिखराहट,
चहुं ओर बस प्यार बरसता,
दिल अकेला न कोई तरसता,
उगती बस सुख की फसल हर ज़मीन,
होता कोई काश!ऐसा दरवाज़ा रंगीन।।
धन्यवाद-शिल्पी गुप्ता 🙏
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