इस कहानी में हर मोड़ पर मौत खड़ी है। हर कदम के साथ खतरा बढ़ता जाता है और ज़िंदगी व मौत के बीच की रेखा मिटती चली जाती है। यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है, जिसका किसी भी वास्तविक व्यक्ति, घटना या स्थान से कोई संबंध नहीं है।
सुबह की हल्की धूप में शहर अभी पूरी तरह जागा भी नहीं था जब अमन, रोहन, साहिल, नेहा, पूजा और रिया एक लंबी ट्रिप के सपने लिए कार में बैठ चुके थे, शहर की भीड़, ज़िम्मेदारियों और रोज़मर्रा की थकान से दूर पहाड़ों की ठंडी हवा में कुछ पल ज़िंदा महसूस करने के लिए, कार के अंदर तेज़ म्यूज़िक बज रहा था, रोहन हर बात पर मज़ाक कर रहा था, साहिल हँसते हुए भी बार-बार खिड़की से बाहर देख रहा था जैसे किसी अनजाने डर को छुपा रहा हो, नेहा और पूजा मोबाइल कैमरे में खुद को कैद करने में लगी थीं, इंस्टाग्राम रील्स और सेल्फी उनके लिए इस ट्रिप से ज़्यादा ज़रूरी थीं, वहीं अमन ड्राइव कर रहा था और रिया चुपचाप सामने के रास्ते को देख रही थी, दोनों के बीच एक अजीब-सा सन्नाटा था जिसमें अनकहा प्यार छुपा था, नज़रें मिलती थीं तो जल्दी हट जाती थीं, जैसे डर हो कि अगर ज़्यादा देर रुक गईं तो दिल की बात बाहर आ जाएगी, शहर पीछे छूटता गया और सड़कें धीरे-धीरे सुनसान होने लगीं, इमारतों की जगह पेड़ आने लगे, हवा में ठंडक बढ़ गई, तभी रास्ते में एक पुराना सा ढाबा दिखाई दिया जो जैसे समय से बाहर फंसा हुआ हो, टूटे बोर्ड, जंग लगी कुर्सियाँ और एक कोने में बैठा हुआ एक बूढ़ा आदमी जिसकी आँखें कुछ ज़्यादा ही गहरी और खाली लग रही थीं, कार रुकी, सब चाय पीने उतर गए, जैसे ही वे पास आए, बूढ़े आदमी की नज़र एक-एक कर सब पर पड़ी, उसकी आँखों में डर नहीं था बल्कि ऐसा लग रहा था जैसे वह पहले ही सब देख चुका हो, उसने धीमी लेकिन भारी आवाज़ में कहा कि सूरज ढलने से पहले वापस लौट जाना, उस जंगल के रास्ते मत जाना, उसकी आवाज़ में कोई कहानी नहीं बल्कि चेतावनी थी, लेकिन रोहन ज़ोर से हँस पड़ा, बोला अरे बाबा, हॉरर मूवी कम देखा करो, साहिल ने भी हँसी में हाँ मिलाई, नेहा और पूजा ने इस पल की भी रील बना ली, अमन ने शांति से पैसे चुकाए और सब वापस कार में बैठ गए, जैसे ही कार आगे बढ़ी, रिया ने पीछे मुड़कर देखा, बूढ़ा आदमी अब भी वहीं खड़ा था और उसकी नज़रें कार का पीछा कर रही थीं, कुछ सेकंड बाद वह नज़र से ओझल हो गया, शाम धीरे-धीरे उतरने लगी, पहाड़ों के बीच सूरज लाल होता गया, तभी मोबाइल नेटवर्क अचानक कमजोर पड़ने लगा, GPS बार-बार रुकने लगा, अमन ने स्क्रीन पर एक छोटा सा रास्ता देखा जो मुख्य सड़क से अलग जंगल के अंदर जा रहा था, रोहन ने कहा ले ले यार, शॉर्टकट है, जल्दी पहुँच जाएंगे, साहिल ने हल्का सा विरोध किया लेकिन उसकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, कार मुड़ गई और जैसे ही वह रास्ता बदला, हवा अचानक भारी लगने लगी, पेड़ घने हो गए, आसमान दिखना मुश्किल हो गया, मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह गायब हो गया, सड़क अब सड़क जैसी नहीं लग रही थी, बस मिट्टी और टूटे पत्थरों का रास्ता था, अचानक कार झटका खाकर रुक गई, इंजन बंद हो चुका था, चारों तरफ सन्नाटा इतना गहरा था कि सबकी साँसों की आवाज़ सुनाई देने लगी, नेहा ने मज़ाक में कहा कि यह सब बहुत डरावना लग रहा है, साहिल हँसने की कोशिश करते हुए बोला कोई हॉरर मूवी तो शुरू नहीं हो गई, तभी दूर कहीं लकड़ी टूटने की आवाज़ आई, सब चुप हो गए, रोहन ने टॉर्च उठाई और कहा मैं देख कर आता हूँ, वह कार के पीछे गया, कुछ सेकंड बीते, फिर अचानक एक चीख गूँजी, ऐसी चीख जो किसी इंसान की नहीं लगती थी, सब दौड़कर पीछे पहुँचे लेकिन वहाँ रोहन नहीं था, सिर्फ उसका मोबाइल ज़मीन पर पड़ा था, स्क्रीन चालू थी, रिकॉर्डिंग चल रही थी, काँपती हुई आवाज़ सुनाई दी ये… ये इंसान नहीं हैं… ये— और रिकॉर्डिंग वहीं कट गई, तभी जंगल के अंदर से बच्चों जैसी हँसी गूँजने लगी, लेकिन उस हँसी में मासूमियत नहीं बल्कि भूख थी, अचानक पेड़ों के बीच से छायाएँ निकलने लगीं, टेढ़े-मेढ़े शरीर, जली हुई खाल, उलटी मुड़ी हड्डियाँ, आँखों में जानवरों जैसी लालच, पूजा को कुछ समझने का मौका भी नहीं मिला और एक झटके में उसे अंधेरे में खींच लिया गया, उसकी चीख हवा में घुलकर मर गई, नेहा भागी लेकिन ज़मीन से निकले हड्डियों जैसे जाल में फँस गई, ऊपर से झुका एक राक्षसी चेहरा और अगले ही पल उसकी गर्दन टूटने की आवाज़ जंगल में गूँज गई, खून ज़मीन में समाता गया और ऐसा लगा जैसे जंगल और ज़्यादा ज़िंदा हो गया हो, अब सिर्फ अमन, रिया और साहिल बचे थे, वे जान बचाकर भागे लेकिन रास्ता बार-बार उन्हें उसी जगह लौटा लाता, जैसे जंगल उनके साथ खेल रहा हो, एक गुफा दिखी, तीनों अंदर घुसे, दीवारों पर खून से बने सैकड़ों हाथों के निशान थे, बदबू इतनी तेज़ थी कि साँस लेना मुश्किल हो रहा था, रिया टूटकर रो पड़ी और बोली हम यहाँ से नहीं निकल पाएंगे, तभी अंधेरे से हाथ निकले और साहिल को खींच लिया गया, उसकी चीखें गुफा में गूँजती रहीं और कुछ ही पलों में सब शांत हो गया, अमन और रिया भागते हुए गुफा से बाहर निकले और अचानक उनके सामने हड्डियों से बना एक अजीब शहर दिखाई दिया, चारों तरफ इंसानी खोपड़ियाँ, टूटी हड्डियाँ और बीच में पत्थर के सिंहासन पर बैठा एक विशाल साया, जंगल का राजा, उसकी आवाज़ गूँजी जो इस जंगल में आता है वह या तो मरता है या हमारे जैसा बनता है, उसकी नज़र अमन पर रुकी और उसी पल अमन को एहसास हुआ कि यह सिर्फ़ शुरुआत है और यह जंगल अभी भूखा है।
(Part 1 समाप्त)