Trisha - 29 in Hindi Women Focused by vrinda books and stories PDF | त्रिशा... - 29

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त्रिशा... - 29

बहुत समय तक राजन का इंतजार कर कर के थक चुकी त्रिशा ने प्लेट में रखी पूड़ी सब्जी खानी शुरु कि क्योंकि भूख अब उसकी बर्दास्त के बाहर थी। जिसके बाद उसने भर पेट खाना खाया और अपने खाने से पहले ही उसने राजन का खाना निकल कर अलग रख दिया क्योंकि मां ने कहा था पाई को अपना झूठा ना देना। खैर भर पेट खाना खाने के बाद त्रिशा को कुछ आराम मिला और फिर चैन से वह अपनी थाली एक जगह रखने के बाद बैठ कर राजन का इंतजार करने‌‌ लगी।  

इंतजार करते करते त्रिशा की नजर फिर एक बार घड़ी पर पहुंची और देखा तो नौ बज रहे थे। पूरे तीन घंटे बीत चुके थे त्रिशा को राजन का इंतजार करते करते पर उसका कोई अता पता नहीं था। ऐसे बिस्तर पर बैठी बैठी इंतजार करती त्रिशा की आंखें कब नींद से बंद हो गई‌  और बेड के सिरहाने टेक लगा वो कब सो गई उसे पता ही ना चला। 

थकान के कारण त्रिशा तुरंत ही गहरी नींद में सो गई पर उसकी यह नींद तब जाकर खुली जब किसी ने आकर दरवाजा पीटा। दरवाजे की खटखट से त्रिशा की नींद कुछ ही समय में टूट गई। उसने घड़ी में देखा तो रात के साढ़े ग्यारह बज रहे थे। 

"लगता है राजन जी आ गए।।" त्रिशा नींद से उठते हुए बड़बड़ाई। उसने उठ कर अपना लंहगा ठीक किया और फिर‌ जाकर फटाफट दरवाजा खोल दिया। दरवाजे पर खड़े राजन को देखकर त्रिशा के चेहरे की मुस्कान और भी बड़ी हो गई। उसकी आंखें शर्म और हया से झुक गई। दरवाजा खोलने के बाद त्रिशा शर्माती हुई अंदर चली गई और उसके जाने के बाद राजन भी दरवाजा बंद करके त्रिशा के पीछे पीछे अंदर आ गया। 

राजन शराब पी के आया था इसलिए नशे में इतना धुत था कि लड़खड़ा के चल रहा था। और एक बार को तो वह लड़खड़ा कर जमीन पर गिरने को ही था कि तभी त्रिशा ने आकर उसे सहारा दिया और खड़ा किया। राजन को सहारा देकर बैड पर बिठाने के बाद त्रिशा ने उसे पानी का‌ गिलास दिया जिससे राजन ने पानी पी के त्रिशा को वापिस दे दिया। 

राजन इस समय इतने नशे में था कि उसे अपना या किसी और का कोई होश ना था। त्रिशा को यह सब देखकर बहुत अजीब लग रहा था वह समझ नहीं पा रही थी कि आज के दिन इतनी शराब पीने की क्या जरुरत थी भला। खैर अपनी निजी भावनाओं को मन में दबा कर त्रिशा ने राजन से पूछा," खाना खाएगें आप???" 

"खाना खाएंगे आप का मतलब क्या है????? अरे खाएगें!!!!!! बिल्कुल खाएगें!!!!!" राजन ने जवाब दिया और फिर त्रिशा राजन के लिए खाने की प्लेट ले आई।  

त्रिशा ने खाना परोस कर दिया तो राजन ने प्लेट उसके हाथों से ले ली  और खाना शुरु किया। त्रिशा वहीं खड़ी खड़ी उसे देख रही थी‌ कि तभी राजन उसकी ओर देखकर बोला," तुम भी खा लो कुछ!!!!!!" 

"जी मैनें खा लिया था!!!!!" त्रिशा ने अपनी झूठी प्लेट की ओर इशारा करते हुए कहा। 

"क्या कहा तुमने??????? तुमने मेरे बिना खाना खा लिया था????? मतलब मुझसे पहले??????" राजन ने आवाज कुछ ऊंची करके पूछा। 

"जी बुआ जी हम दोनों का खाना देकर गई थी और बोला कि खा लेना और मुझे भूख भी लगी थी मैनें तीन घंटे तक आपका इंतजार भी किया लेकिन जब आप नहीं आए  और मुझसे भूख सहन नहीं हुई तो मैनें खा लिया।।।।।"  त्रिशा ने सारी बात सच सच कह दी‌। 

राजन  खाना खाते खाते त्रिशा की ओर देखकर बोला," लगता है तुम्हारी मां ने तुम्हें सच में कुछ भी सिखाया नहीं है!!!!!!!"  

त्रिशा ने सुना था कि अक्सर ससुराल में बहू को अपने मायके के लिए कुछ ना कुछ सुनना ही पड़ता है पर यह सब इतनी जल्दी होगा यह नहीं पता था‌ उसे। अपनी आहत हुई भावनाओं को छिपाते हुए त्रिशा बोली," आप ऐसा क्यों कह रह है ????" 

"अरे ऐसा ना कहूं तो कैसा कहूं?????"
" कैसी मां है तुम्हारी????"
" अपनी बेटी को यह नहीं सिखाया की उसके लिए अब सबकुछ उसका पति ही है!!!!!!!"
" अरे भगवान होता है पति !!!!!!! भगवान!!!!!!!"
" और‌ जैसे भगवान के भोग से पहले प्रसाद किसी को नहीं मिलता वैसे ही मेरे खाए बिना तुम कैसे खा सकती हूं!!!!!!!!!"
"तुम्हें भूख ही तो लगी थी ना?????"
" सहन कर लेती!!!!!!  थोड़ी सी देर भूखा रहने से तुम मर कोई जाती!!!!!!!!!!"राजन खाने के हर एक निवाले के साथ त्रिशा को कुछ ना कुछ बोलता रहा। 

और अपने ही पति के मुंह से शादी की पहली रात यह सब सुन कर उसे बहुत बुरा लग‌ रहा था। वह अपने आंसू‌ रोक ना पाई और उसकी आंख से आंसू छलक ही पड़े। 

वह समझ नहीं पा रही थी कि उसे इस समय ज्यादा दुख किस बात का है। राजन शराब पीकर आया इस बात का या उसने उससे इस तरह से बात कि इस बात का या फिर वह उसके घरवालों के लिए बोल‌ रहा है इस बात का। कारण चाहे जो भी हो पर इस समय ना तो एक पत्नी को अपने पति से ऐसे व्यवहार की उम्मीद थी और ना ही एक बेटी को।  उसके दिल को बहुत चोट पहुंची वो कुछ बोलना तो नहीं चाहती थी पर उस से रहा भी नहीं गया। 

अपने आसूंओं के बीच त्रिशा थोड़ी सी हिम्मत करके बोली, " द......... देखिए!!!!!! 
अगर.......... 
अगर‌...        आपको‌...  लगता....... है  कि मेरी गलती है.........  तो म...... मैं आपसे......  माफी मांगती हूं.....  और वादा भी करती हूं............  कि.......... कि  आगे से ऐसा कभी नहीं होगा...........  पर प्लीज मेरी मां और मेरी फैमली...... के बारे में ऐसा  कुछ ना बोले प्लीज !!!!!!!!!"