✨ एपिसोड 64 — “अतीत की चीखें और अनकहा डर” ✨
कहानी — अधूरी खिताब
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रात की स्याही ढल रही थी,
लेकिन रिया की बेचैनी बढ़ती जा रही थी।
अयान के शब्द उसके कानों में गूंज रहे थे—
“मेरा अतीत… अगर वापस आया,
तो तुम खतरे में पड़ सकती हो।”
रीया ने पहली बार महसूस किया कि
अयान की आंखों में मौजूद वो तूफान सिर्फ गुस्सा नहीं था…
कुछ और भी था।
कुछ ऐसा, जो उसे अंदर तक हिला सकता था।
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🌙 उसी रात — अयान की दुनिया में हलचल
अयान एक पुरानी इमारत की छत पर खड़ा था।
उसके फोन पर कॉल लॉग खुला था—
एक नाम बार-बार चमक रहा था—
“रिद्वी…”
वही नाम…
जिससे वह भाग रहा था।
जिससे वह लड़ नहीं पाया था।
फोन फिर बजा।
इस बार उसने रिसीव कर लिया।
“अयान…”
आवाज़ में एक पुरानी कसक थी।
अयान के चेहरे पर कड़वाहट उतर आई।
“तुम क्यों लौट आई?”
“क्योंकि तुम्हारे बिना मेरा काम पूरा नहीं हो सकता।”
रिद्वी बोली।
“और तुम ये अच्छी तरह जानती हो।”
अयान की मुट्ठियाँ भींच गईं—
“मैं अब उस दुनिया का हिस्सा नहीं हूँ।”
रिद्वी ने हल्की हंसी हँसी—
“तुम ठहरे रहो या भागो…
तुम्हारा अतीत तुम्हें पकड़ ही लेगा।”
अयान कुछ बोलता उससे पहले,
रिद्वी ने आखिरी वार किया—
“और इस बार…
तुम अकेले नहीं हो।”
कॉल कट गया।
अयान की सांसें भारी हो गईं।
दूर कहीं अंधेरी गलियों में खतरा धीरे-धीरे सरक रहा था।
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☀ अगली सुबह — रिया की बेचैनी
रीया ने रात भर ठीक से नींद नहीं ली।
सुबह किचन में चाय बनाते हुए भी
अयान की बात उसके दिमाग में घूम रही थी।
मोबाइल हाथ में लेकर उसने खुद को रोका—
“मैं उसे कॉल नहीं करूँगी…
मैं कमजोर नहीं दिखना चाहती।”
पर दिल कहाँ मानता है?
कुछ देर बाद ही फोन की स्क्रीन जली―
मैसेज आया था:
Ayaan: “College aana. I need to talk.”
रीया का दिल एक पल को रुक गया।
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🔥 कॉलेज में पहली मुलाकात — हवा में बेचैनी
अयान गेट पर खड़ा था,
लेकिन आज उसके चेहरे पर वो सामान्य ठंडापन नहीं था।
उसकी आँखें थकी हुई थीं…
और कहीं न कहीं डरी हुई भी।
रीया धीरे से बोली—
“सब ठीक है?”
अयान ने सिर हिलाया,
पर उसकी चुप्पी खुद उसका जवाब थी।
रीया ने आगे बढ़कर धीरे से कहा—
“तुम बात करोगे?”
अयान ने कुछ पल उसे देखा—
जैसे सोच रहा हो कि सच बताए या नहीं।
आख़िर उसने कहा—
“शाम को…
हम कहीं चलेंगे।
जहाँ कोई सुन न सके।”
रीया की धड़कन तेज़ हो गई।
डर नहीं…
बल्कि चिंता से।
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💥 क्लासरूम में नए तूफान की शुरुआत
क्लास शुरू होने वाली ही थी
कि निशांत अंदर आया।
उसकी नज़र सीधे रिया पर पड़ी—
और फिर अयान पर।
आज उसकी आँखों में कल वाला दर्द नहीं था।
आज वहाँ कुछ और था—
इच्छा…
और एक योजनाबद्ध दृढ़ता।
क्लास खत्म होते ही वह रिया के पास आ गया।
“क्या हम बात कर सकते हैं?”
उसने शांत आवाज़ में कहा।
रीया के पास मना करने की वजह नहीं थी।
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🌫 निशांत का सच — जो हवा बदल देता है
कॉनेर में खड़े होकर निशांत ने कहा—
“रिया, मैं तुमसे कुछ छुपा रहा था।”
रीज़ा चौंक गई।
निशांत ने आगे कहा—
“मैं अयान को जानता हूँ।”
रीया की सांस अटक गई।
“क्या? कब से?”
निशांत ने गहरी सांस ली—
“काफी पहले से।
उसके अतीत की एक गलती की वजह से मेरा परिवार…”
वह रुक गया।
रीया ने घबराकर पूछा—
“क्या हुआ था?”
निशांत ने उसकी तरफ देखा—
“ये बातें तुम्हें डराएँगी।
लेकिन मैं केवल तुम्हारी भलाई के लिए बता रहा हूँ…”
रीया काँप गई।
“निशांत, साफ-साफ बोलो।”
निशांत ने धीमे स्वर में कहा—
“अयान वही नहीं है जो दिखता है।
उसकी पुरानी जिंदगी…
बहुत खतरनाक थी।”
रीया का दिल जैसे बैठ गया।
“और जिस इंसान ने अभी उसे कॉल किया…
वह उसके अतीत का सबसे ज़हरीला हिस्सा है।”
रीया के पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई—
क्योंकि उसे समझ आ चुका था—
निशांत को अयान के फोन कॉल के बारे में कैसे पता?
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🔥 रिया का आघात — वह किस पर विश्वास करे?
उसकी सांसें तेज़ हो गईं।
“निशांत… यह सब तुम्हें कैसे पता?”
निशांत ने जबड़ा भींचा—
“क्योंकि मैं उस मामले का हिस्सा था।
और मैं सिर्फ तुम्हें बचाना चाहता हूँ।”
रिया वहीं खड़ी रह गई,
जैसे किसी ने उसके दिल से जमीन खींच ली हो।
क्या अयान सच में किसी अंधेरी दुनिया से जुड़ा था?
क्या उसका अतीत वापस आकर उनके बीच तबाही मचाएगा?
और निशांत…
क्या वह सच बोल रहा है
या अपना डर, अपना प्यार छुपा रहा है?
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🌙 शाम — सच के दरवाज़े पर दस्तक
अयान ने रिया को कॉलेज के पीछे पुराने पार्क में बुलाया था।
सड़क पर हल्की लाइटें थीं,
लेकिन माहौल में खामोशी थी।
अयान उसके सामने आया—
धीमे कदमों से।
“रिया… आज मैं तुम्हें वो सब बताऊँगा
जिसे मैंने खुद से भी छुपा रखा है।”
रीया की आवाज काँपी—
“तुम्हारे अतीत में ऐसा क्या था?”
अयान ने उससे नज़रें नहीं हटाईं।
उसकी आँखों में पहला सच उभर रहा था—
“कुछ साल पहले…
मैंने अपनी जिंदगी में एक गलती की थी।
जिसने सब कुछ बदल दिया।”
रीया का दिल तेज़ी से धड़कने लगा।
“और वह गलती… रिद्वी थी।”
रीया स्तब्ध रह गई।
अयान ने कहा—
“वह सिर्फ एक लड़की नहीं थी…
वह उस गैंग की दिमाग थी
जिसमें मैं फँसा था।”
रीया का चेहरा पीला पड़ने लगा।
अयान ने धीरे से हाथ बढ़ाया
लेकिन छुआ नहीं—
“मैं तुमसे वादा करता हूँ…
तुम्हें कभी नुकसान नहीं होने दूँगा।”
रीया की आंखों में आँसू आ गए।
लेकिन इससे पहले कि वह कुछ कह पाती—
पीछे झाड़ियों में से आवाज़ आई।
अयान तुरंत मुड़ा—
तेज़, सतर्क।
और फिर एक स्त्री आवाज़ गूंजी—
“इतनी जल्दी वादे मत करो, अयान…”
छाया से एक लड़की बाहर आई—
खूबसूरत, लेकिन खतरनाक मुस्कान लिए।
वो थी—
रिद्वी।
रीया का दिल डूब गया।
अयान की साँस अटक गई।
रिद्वी ने रिया की तरफ देखा और हँस दी—
“तो ये है… तुम्हारी नई कमजोरी?”
रीया पीछे हट गई।
अयान आगे बढ़ा—
“रिद्वी… उसे दूर रखो।”
रिद्वी की आंखों में आग चमकी—
“अब बहुत देर हो चुकी है।”
और हवा अचानक किसी अनदेखे तूफान से काँप उठी।