🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
कमाल है न तुम कहते हो कि बहुत
छोटी है ये ज़िंदगी,
दो पल का क़िस्सा, ज़रा सी ये
कहानी है,
मगर मैं तो ऊब चुका हूँ, इस
बे-मतलब के जीने से,
मेरे लिए तो ये हर सांस, एक भारी
बोझ पुरानी है,
अजीब ज़िद है इस वक़्त का भी
जो गुज़रता नहीं बस सीने पर ठहर
जाना जानता है,
थक चुका हूँ मैं खुद को ज़बरदस्ती
ढोते-ढोते,
थक गई हैं आँखें वही मंज़र फिर
से देखते-देखते,
जिसे तुम मुख़्तसर, कह कर डराते
हो ज़ख़्मी को,
ज़ख़्मी उसे काट रहा है तिल-तिल
कर जीते-जीते,
कमबख़्त ये ख़त्म होने का नाम ही
नहीं लेती,
ये शाम ढलती क्यों नहीं, ये रूह
सोती क्यों नहीं,
अजीब मज़ाक है, सब कहते हैं कि
वक़्त भाग रहा है,
पर मेरे आँगन में तो ये पाँव पसार
कर बैठा है,
अब और नहीं खिंचती ये थकी हुई
साँसों की लकीरें,
ये जर्जर कश्ती अब बस किसी
अंधेरे किनारे लग जाए,
बहुत जी लिए, बहुत देख लिया ये
तमाशा हमने,
अब तो बस ये साँस थमे, और ये
सफ़र यहीं थम जाए…🥀🔥
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♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh ☜
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