Free Hindi Shayri Quotes by Dinkal | 111587750

मैंने देखा ही नहीं अपनी हथेलियों में,
तेरे नाम की लकीर ही नहीं थी,
बेशूमार मोहब्बत कर बैठे तुझसे,
पता ही ना चला की बहरूपिया रोशनी के साये में है हम।

-Dinkal

Dinkal 2 years ago

शुक्रिया

shekhar kharadi Idriya 2 years ago

बोहोत खूब..

View More   Hindi Shayri | Hindi Stories