Free Hindi Poem Quotes by Darshita Babubhai Shah | 111805306

मैं और मेरे अह्सास

मैंने तो इश्क़ की इबादत की है l
दिल ने छोटी सी शरारत की है ll

बेठे बिठाए खुदा को क्या सूझा l
खूबसूरत तोहफ़े इनायत की है ll

सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह

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