Free Hindi Poem Quotes by Darshita Babubhai Shah | 111833964


मैं और मेरे अह्सास

प्यार को रहम समझा ये तो हद है l
हर बात में संजीदा है,क्या अदब है ll

चार बातेँ भी मीठी नहीं बोल सकते l
सुन खुदा तेरे बंदे भी बड़े गजब है ll

सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह

Ranjan Samani 2 months ago

🙏👏🏼👏🏼👏🏼