Hindi Quote in Poem by Biru Rajkumar

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

बरगद के नीचे

बड़े घर में हँसता परिवार,
सपनों की नींव रखता संसार।
थोड़ी दूर खड़ा बरगद पुराना,
जैसे समय ने खुद को पहचाना।

डाल पर चलती एक निडर सी काया,
ना डगमगाई, ना घबराया साया।
मैंने कहा माँ से, देखो ज़रा,
कैसे चल रही है यह बिना डरा।

लोग बोले, कुछ नहीं करती यह,
डरने की इसमें बात ही क्या है।
पर मैं जानती थी उसकी उड़ान,
चुप्पी में छुपा है बड़ा आसमान।

मैंने कुछ देना चाहा उसे,
वो मुस्कुराई, बोली बस यूँ ही—
“मेरे पास सब है,
मुझे कुछ नहीं चाहिए।”

फिर वह बड़ी हुई, समय की तरह,
हरे रंग में ढली, शांति की लहर।
पैठणी साड़ी, गरिमा अपार,
जैसे आत्मा ने पहन लिया संस्कार।

बरगद आज भी वहीं खड़ा है,
पर अब मैं जानती हूँ—
वो लड़की कोई और नहीं,
वो मैं हूँ।

Hindi Poem by Biru Rajkumar : 112013004
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now