“संघर्ष की रोशनी”
सूनी रातों में सपनों का दीपक धीमे जलता है
आँसू की धार में भी विश्वास मुस्काकर पलता है
मन का आकाश उजला बनता है आज
टूटे पंखों वाला पक्षी भी उड़ना सीख जाता
ठोकर खाकर जीवन हर पल अर्थ नया सिखाता
संघर्ष की राहें चरित्र को सोना बनाती हैं सच
मौन की चादर ओढ़े भावनाएँ बोल उठती
रूपक बनकर पीड़ा कविता में ढल जाती
हृदय का सागर गहराकर मोती देता है धैर्य सत्य प्रेम साथ
चलते रहो तो पत्थर भी रास्ता बन जाते
अँधेरों के पार उजालों के गीत गुनगुनाते
हार मानना सबसे बड़ी हार है याद रखो जीवन हमेशा