हम ने सही कहा था के हम ज्ञानी है, संपन्न है, शूरवीर है। पर हम कभी हमारी शक्तियों का दुरुपयोग नहीं करते। हम समझदार है। हमारे त्याग को हमारी कमजोरी न समझो। हमने बिना आंदोलन, बिना तोड़फोड़, बिना किसी हिंसा के सिर्फ हमारी तर्कपूर्ण बात रखी और यूजीसी पर रोक लगवा दी। यह बुद्धि, संस्कार, सुंदरता, सामर्थ्य हमे विरासत में मिलता है उसकी जीत है। क्या तुम सब ऐसा शांतिपूर्ण, तार्किक एवं प्रगतिशील भारत नहीं चाहते?
- Sarika Sangani