टूटे हुए दिल का कोई सहारा नहीं मिलता,
ज़ख़्म गहरे हों तो कोई किनारा नहीं मिलता।
आँखों में अश्क हैं, पर मुस्कान दिखानी पड़ती है,
हर दर्द को छुपाकर ज़िंदगी निभानी पड़ती है।
वक़्त ने छीन लिया हर ख़्वाब आँखों से,
अब तो नींद भी रूठ गई इन पलकों से।
मोहब्बत का सफ़र बस तन्हाई तक आ गया,
दिल रोता रहा और जहाँ ख़ामोश सा हो गया।
- kajal jha