भविष्य की चिन्ता में हम, आज को भूल बैठे हैं,
मोबाइल की दुनिया में, रूह को भूल बैठे हैं।
बेटा पूछे बाप से— "पापा, असली पेड़ कैसा होता है?"
बाप कहे— "बेटा, गूगल कर ले, वहाँ फोटो भी होता है!"
"सब्जी उगेगी लैब में, और खाना आएगा ऐप से,
इंसान गायब हो जाएगा, बस बात होगी चैट से!"
शादी होगी मेटावर्स में, पंडित भी ऑनलाइन आएगा,
दूल्हा-दुल्हन को 'लिंक' भेजकर, सात फेरे कराएगा।
पनीर टिक्का की जगह, बस फोटो भेजी जाएगी,
भूख तो नहीं मिटेगी, बस 'लाइक' की गिनती बढ़ जाएगी!
"रोबोट घर की सफाई करेगा, और कुत्ता 'स्मार्ट' होगा,
इंसान के दिल की जगह, अब मशीन का ही पार्ट होगा!"
ऑफिस जाने की टेंशन नहीं, सब घर से काम करेंगे,
पर खुद के घर वालों को भी, हम 'ईमेल' से सलाम करेंगे।
बच्चे पैदा होंगे कोडिंग से, और लोरी गाएगा 'एलेक्सा',
इंसान की अक्ल से ज्यादा, तेज होगा अब 'नेटवर्क' का नक्शा!