दो दिन पहले एक केस देखा था बीच सड़क पर ।ये छोटी सी लाइन है गौर करे 🙏 🙏 🙏
कितनी मासूम होती हैं वो लड़कियाँ,*
जो दर्जनों आशिकों से आशिकी करती हैं,
पर विवाह तो परिवार की मर्जी से ही करती हैं,
बाप की पगड़ी गिरने नहीं देतीं...
हाँ, वो बात अलग है कि उनके बाप को पता नहीं होता,
कि लोगों ने उसे अलग-अलग नंबर
प्लेट की गाड़ियों पर बैठे हुए देखा है...
और...
कितनी चालाक होती हैं वो लड़कियाँ,
जो किसी एक से अत्यंत प्रेम करती हैं,
परिवार में उन्हें कुलटा, कुलक्षणी, बेहया, बेशर्म,
नाक कटवाने वाली कहा जाता है...
जिन्हें या तो मरना पड़ता है,
या घुट-घुट कर जीना...
तो यही फर्क है-
जो मासूम है उन्हें चालाक कहके प्रताड़ित किया जाता है
और जो चालाक है, वो इज्जतदार है
*समाज के लिए भी और परिवार के लिए भी..।
इस पर आपकी क्या राय है कॉमेंट करके बताओ 🙏🙏🙏🙏✍️✍️✍️✍️✍️✍️
writer bhagwat singhnaruka