भरी महफिल में लोग बड़ी आसानी से बोल देते है
" क्या हुआ तुम्हारे रिजल्ट का हुआ की नहीं फलाने की लड़की, फलाने के लड़के का तो सलेक्शन हो गया"
कभी सोचा है आजकल के बच्चे फैमिली प्रोग्राम में जाना क्यों पसंद नहीं करते....
उन्हें डर लगता है तुम्हारे इन सवालों का
भरी महफिल में उसके जीवन की बोली लगा दी जाती है
जिसका सेक्शन हो गया उसे समाज की नजरों में महान बना दिया जाता है
और जिसके संघर्ष के दिन चल रहे है उसके चरित्र पर अनगिनत दाग लगा दिया जाता है
फोटो फ्रेम के साथ कैरेक्टर लेस का सर्टिफिकेट पकड़ा दिया जाता है
क्या कभी किसी विद्यार्थी से पूछा है
बेटा इस सफर में थक कितने गए हो तुमने कितना संघर्ष किया है बस मेहनत करो एक दिन जरूर सफल होंगे
क्यों नहीं पूछते तुम ऐसा
यकीन मानो जिस दिन तुमने किसी भी विद्यार्थी से उसकी पीड़ा जानने की कोशिश की....
मै दावे के साथ कह सकती हु
उसके संघर्ष की कहानी आंसुओं के रूप में निकलेगी
तुम्हारे इस प्रश्न से कितने विद्यार्थी समाज के सामने जाने से भी डरते है।।
✍️ अंतिमा 😊