हर यादें एक कहानी होतै हैं
कवीता
जिंदगी में कुछ कहानियां अक्सर पीछे छूट जाते हैं
और जो बचती है
वो सिर्फ यादें होते हैं
वो यादें जो अकसर पिछे छुट जाते हैं
उन यादों में खुशी भी होती है
और गहरा दर्द भी
जिंदगी के मुश्किलों में चलते रहना
और यादों की बोझ को ढूंढते रहना
थोड़ा सा मुश्किल लगता है
पर इस मुश्किल सफर पर चलते हुए
हम ठेहेर नहीं सकते
बस रुक कर यादों के साथ कुछ देर जी सकते हैं
और फिर अपने कदम आगे बढ़ने पर मजबूर हो जाते हैं
चलते रहना हमारे भाग्य है
और रुक जाना अंत
सारी उलझन के बाद भी हम चलते रहते हैं
तो हम जिंदा हैं
और हम जब रुक जाते हैं
तब हम मर जाते हैं
और हमारा अंत हमारा रुकना है
जब तक अंत नहीं आते तो यादें रहेंगे
आगे बढ़ गए लोगों की
या पीछे छूट गए हुए अपनों की
और हर यादें एक कहानी है
और उन कहानियों के साथ
और आगे बढ़ते रहेंगे
और जीते रहेंगे जिंदगी है