दिल का notification #05
माँ के हाथ का स्वाद... ❤️
भूख तो हर जगह मिट जाती है...
कभी होटल में,
कभी दोस्तों के साथ,
और कभी अकेले भी...
पर पता नहीं क्यों,
जब भी घर जाता हूँ,
रसोई से आती वो खुशबू
फिर से बच्चा बना देती है।
वो मेरी रोज़ की तय थाली,
वो माँ के हाथ की मेरी पसंदीदा सब्ज़ी...
हम्म्म...
माँ की थाली में
दाल, रोटी और सब्ज़ी ही तो होती है...
फिर भी,
उसमें एक स्वाद ऐसा होता है...
जो दुनिया के किसी खाने में नहीं मिलता।
बाहर खाकर
पेट तो हर जगह भर ही जाता है...
बस...
एक दिल है...
जो आज भी...
नहीं भरता।
धड़कते रहिए..❤️
✍️ जिगर अशोक पंड्या
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अगर आपको भी माँ की याद आई होतो उन्हें फोन या मैसेज जरूर कीजिए गा।
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