नारायण कहते हैं जहां के तुम हो हफ्तार हो नियतित में वही पहुंचती है समय से पहले और भाग्य से ज्यादा कभी किसी को नहीं मिलता जो तुम्हारा है वह देर सवेर तुम तक पहुंच ही जाएगा जो छूट गया है वह कभी तुम्हारा था नहीं और जो तुम्हारा है हक है उसे ब्रह्मांड की कोई ताकत तुमसे नहीं छीन सकती इंसान अपनी मर्जी से रास्ते चलता है लेकिन नारायण अपनी मर्जी से उसे रास्ता दिखाते हैं उसे सही का सही मुकाम पर पहुंचते हैं