🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
{{तुम जो कागज़ पर उतरती हो}}
जब कभी ख़याल तुम्हारा आता है मैं
कोरा काग़ज़ उठाता हूँ, और अपनी
कलम की स्याही में तुम्हारी आँखों
की चमक घोल देता हूँ,
अजब करिश्मा है तुम्हारी शख्सियत
का, कि मैं जब भी तुम्हें लिखता हूँ
मेरे अल्फाज़ अपनी हदों को भूल
जाते हैं,
जो लफ्ज़ कल तक बोझिल थे, आज
वो किसी साज़ की तरह बजने लगते हैं,
मैं लिखता हूँ तुम्हारी हँसी, तो पन्ने से
खनक की आवाज़ आती है, मैं लिखता
हूँ तुम्हारा ज़िक्र तो महफ़िल में गुलाबों
की खुशबू छा जाती है,
सच तो ये है, कि तुम सिर्फ एक चेहरा
नहीं, तुम एक मुकम्मल इबादत हो,
मेरी कलम की हर हरकत तुम्हारे नाम
की एक नई आयत है,
तभी तो, मैं जब भी लिखता हूँ तुझको
इन काग़ज़ों पर, तो मेरे लफ़्ज़ों का हर
एक टुकड़ा, बिना किसी साज के एक
मधुर गीत बन जाता है,,🥀❤️
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♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh ☜
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