बस इकलौता ये डर है....
उसे खोने से भी डर है ,
और उसके बयां करने से भी डर है
उसके जाने से भी डर है
उसके रुक जाने से भी डर है
उसकी परवाह खो देने से डर है
लेकिन उस की परवाह पाने से भी डर है
हा ये इकलौता डर है....जिससे मुझे बहुत डर है
written by me....🥀🥀