**“कान्हा…
मैं आपकी सखा हूँ ना…
इसलिए आज फिर आपसे बात करने आ गई हूँ।
आपको तो सब पता है…
मेरी हर मुश्किल, हर लड़ाई, हर अकेलापन।
जब मैं अपनी बेटी के लिए strong बनती हूँ,
तो अंदर से कितनी बार टूटती भी हूँ…
ये भी आप ही जानते हो।
मेरी पढ़ाई, मेरी जिम्मेदारियाँ,
और वो रास्ते जो मुझे अकेले तय करने पड़े…
हर कदम पर आप ही तो साथ थे।
कभी लगा कि अब नहीं हो पाएगा…
तो आपने ही हिम्मत दी,
कभी चुप रही तो आप ही ने समझ लिया।
कान्हा…
लोग साथ छोड़ भी दें तो कोई बात नहीं,
बस आप मेरा हाथ कभी मत छोड़ना।
मैं लड़ लूंगी हर मुश्किल से…
बस आप यूँ ही मेरे सखा बनकर
मुझे चुपचाप संभालते रहना…”** 💙🙏✨