"गहराई में छुपा है रूप सुनहरा,
लहरों की बांहों में सपन सवेरा,
मछली है तू, या जादू कोई,
हर रंग में छिपा एक राग गहरा।"
"प्रवाल की नगरी, तू है राजकुमारी,
मछली है तू, या कोई चित्रकारी,
सपनों के शहर में, तेरा बसेरा,
हर लहर है बस तेरी आभारी।"
"चमकती त्वचा पर सतरंगी रंग,
पानी की धारा में तेरा तरंग,
तू वो मछली है, सबसे हसीं,
तेरे साथ है ये गहरा नीला उमंग।"