🙏🙏हम कोई तकलीफों में है,
मन भीतर टेंशन बढ़ रहा है।
तब हमें क्या करना चाहिए?
वहीं हमें मालूम नहीं पड़ता है।
हमारी जिंदगी में कुछ ना कुछ प्रोब्लेम्स रहेती है,
इसका मतलब यह नहीं है कि हम उस प्रोब्लेम को दूर करने कि वज़ह उसमें ही उलझकर जिंदगी जिना ही छोड़ दे।
उसमें उलझनें से टेंशन दूर नही होगी किन्तु और बढ़ेगी ऐसे वक्त पर हमें शांत चित्त से खुद उसका निराकरण ढूंढना चाहिए।
यदि हमें नही मिल रहा है तो हमारे हितेषी मित्रों से राय लें या कोई अच्छी किताबों को पढ़ेंगे।
उससे निराकरण अवश्य मिलेगा और हमारी टेंशन में राहत मिलेगी या दूर होगी।
जिंदगी में जब मन ना लगे! मूड़ ओफ हो, तब हमें मन को राहत दे ऐसा कुछ करना चाहिए।
जैसे कि एक फूल से दुसरे फूल पर उड़ती रंग-बिरंगे तितलियां देखनीं चाहिए,
पर्वत से नीचे गिर रहे झरने देखने चाहिए,
बह रही नदी की धाराओं को महसूस करना चाहिए,
खुले आसमां में उड़ रहे पंखी देखने चाहिए,
बस मित्रों की टोली के बीच रहकर "जिंदगी मिलेगी ना दोबारा" यह सोचकर जिंदगी जी लेनी चाहिए।
बस ऐसे ही दिमाग़ को मानसिक पीड़ा से सुकून मिलेगा तब हृदय को अपने-आप एक अच्छी ऊर्जा का संचार मिलेगा।🦚🦚