कुछ शब्द इतने चतुर होते हैं,
कि सच को भी झुठला जाते हैं…
कुछ शब्द इतने मीठे होते हैं,
कि पत्थर दिल को भी पिघला जाते हैं…
कुछ शब्द इतने ज़हरीले होते हैं,
कि हँसते चेहरे को रुला जाते हैं…
कुछ शब्द इतने नखरीले होते हैं,
कि अपनेपन में भी दूरी ला जाते हैं…
कुछ शब्द बड़े छलिया होते हैं,
जो सामने हँसते हैं…
और पीछे वार कर जाते हैं…
कुछ शब्द ऐसे होते हैं—
जो गहरे घाव दे जाते हैं…
और कुछ शब्द…
उन्हीं घावों पर
मरहम बनकर लग जाते हैं…
कुछ शब्द ऐसे भी होते हैं—
जो ज़ख्म पर ज़ख्म दे जाते हैं…
और कुछ शब्द…
प्रेम बनकर टपकते हैं…
दिल को सुकून दे जाते हैं… ❤️
आख़िर…
ये सब शब्दों का ही खेल है…
शब्दों से ही रिश्ते बनते हैं,
और शब्दों से ही टूट जाते हैं…
दुनिया में सबसे बड़ा रिश्ता भी—
शब्दों से ही बना होता है…
इसलिए…
शब्दों को सिर्फ उनकी मिठास से मत परखो…
उनके पीछे छिपी नीयत को समझो।
क्योंकि…
तुम्हारे शब्द ही तय करते हैं—
तुम्हारे रिश्तों की उम्र… 💔