🌸मोहब्बत की प्यास🌸
रसीले होंठों की तबस्सुम पी लूँ,
झील-सी आँखों में डूब जाऊँ।
बरसों से तड़पा हूँ मोहब्बत के लिए,
तुम मुझमें ठहरो, मैं तुझमें बरस जाऊँ।
तेरी साँसों की खुशबू में महकता रहूँ,
तेरी धड़कन बनकर दिल में धड़कता रहूँ।
जो अधूरी रही अब तक ये चाहत मेरी,
तेरी बाँहों में आकर मुकम्मल हो जाऊँ।
तेरे इश्क़ की बारिश में यूँ भीग जाऊँ,
तेरी चाहत में हर पल मैं निखर जाऊँ।
तू बाँहों में ले ले मुझे एक बार,
मैं बादल बनूँ और ज़ोर से गरज जाऊँ।
✍️बेनी सागर