तीन ज्ञान की बातें....
1. आदमी को अपने संतोष की सीमा पता होनी चाहिए।
2. बहुत घाटा उठाने की तुलना में कम घाटा उठाना मुनाफा होता है। अगर आपको लगे कि ज़िंदगी में कोई फैसला गलत हो गया है, तो उसे सही साबित करने से बेहतर होता है खुद को सॉरी कह कर उससे निकल जाना।
3. कहीं घुसने से पहले उससे निकलने का मार्ग पता होना चाहिए।
हम बहुत बार अपने गलत चयन (फैसले) से प्यार कर बैठते हैं। ये प्यार घातक होता है। ये पता होना जरूरी है कि गलत से कैसे मुक्ति पाएं। जल्दी मुक्ति, कम घाटा।