जो कहते हैं “प्रेमिका के विचार बिना कुंडली के मिल जाते हैं”,
उन्हें इतना समझना चाहिए—
विचार शादी से पहले नहीं, जिम्मेदारियों के बीच परखे जाते हैं।
10 साल प्रेम और लिव-इन के बाद शादी करने वालों में भी मैंने रिश्ते टूटते और नफरत होते देखी है।
क्योंकि बात कुंडली की नहीं, परिस्थितियों की है।
शादी के बाद परिवार और जिम्मेदारियाँ बदलती हैं, तभी असली समझ सामने आती है।
- archana