“मेरे इश्क़ में शामिल रुमानियत है”
🌙 एपिसोड 58
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सीढ़ियों के नीचे खड़ी नौकरानी का चेहरा पसीने और खून से भीगा था।
उसके हाथ काँप रहे थे, जैसे उसने अभी-अभी कोई ऐसा मंजर देख लिया हो
जिसे आँखें कभी भूल नहीं पातीं।
अयान तेजी से नीचे बढ़ा,
पीछे-पीछे रूहानी और शायरी।
हवेली की हवा बेहद भारी हो चुकी थी—
हर दीवार जैसे डर से हिल रही थी,
हर कोना जैसे चीख रहा था।
जैसे हवेली किसी अनहोनी का बोझ उठाए खड़ी हो।
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⭐ 1. खून से सना हुआ हाल
जब तीनों नीचे पहुँचे
तो हाल के बीचों-बीच
एक आदमी पड़ा था।
चेहरे पर गहरी खरोंचें…
गला नीला पड़ा हुआ…
और उसके हाथ में कसकर एक चूड़ी का टूटा टुकड़ा।
रूहानी की साँस रुक गई—
“ये… ये तो…
हमारे ही स्टाफ का राजू है!”
शायरी फुसफुसाई—
“वो कल ही तुमसे बात कर रहा था…
कह रहा था कि हवेली में कुछ अजीब होता है…”
अयान शव के पास झुका।
उसने ध्यान से शरीर को देखा।
सबसे डरावना हिस्सा था—
उसके गले पर उभरा एक साया जैसा निशान…
जैसे किसी अदृश्य हाथ ने उसे जोर से दबाया हो।
अयान बुरी तरह चौंका।
“ये मार इंसान की नहीं…
रूह की है।”
रूहानी काँपते हुए बोली—
“ज़ारा…”
अयान ने सिर उठाया,
आवाज़ गहरी होते हुए—
“हाँ… ये उसकी शुरुआत है।”
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⭐ 2. ज़ारा की पहली चेतावनी
अचानक पूरा हाल ठंडी हवा से भर गया।
पर्दे अपने आप हिलने लगे।
दीवारों पर रखी मोमबत्तियाँ धीमे-धीमे बुझ गईं।
और फिर—
चूड़ियों की खनक।
एक टूटी, टीढ़ी-मेढ़ी हँसी।
फिर एक धीमी आवाज़—
> “मैंने कहा था…
मेरा बदला…
धीमा होगा, दर्दभरा…
और तुम्हारी रूह में उतरेगा।”
रूहानी ने कानों पर हाथ रख लिए।
“ज़ारा! ये सब क्यों? हमने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है?”
साया हँसा—
“तुमने कुछ नहीं बिगाड़ा…
लेकिन जो तुम बनने वाली हो…
वो मेरे अतीत की सच्चाई को मिटा देगा।”
अयान गरजकर बोला—
“अगर तू सामने आ सकती है…
तो लड़ भी ले।
पीछे से मारना कायरों का काम है।”
साया उसकी तरफ झपटा—
पर उससे पहले अयान ने अपने हाथ की ताबीज़ ऊपर उठाई।
नीली रोशनी की बौछार निकली
और साया पीछे उछल गया।
हवेली में एक पल को पूरी शांति छा गई।
फिर साया फुसफुसाया—
> “अयान… तुम्हारी ये रोशनी तुम्हें ज़्यादा देर नहीं बचा पाएगी।
क्योंकि इस बार…
लड़ाई मोहब्बत की नहीं…
किस्मत की है।”
और धुआँ अचानक गायब।
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⭐ 3. शायरी की नई हालत
ज़ारा के जाते ही
शायरी की हालत बिगड़ने लगी।
वो अपने सिर को पकड़कर बैठ गई।
“अयान… कुछ… कुछ मेरी अंदर उतर आया है…
जैसे मेरी साँसें कोई और खींच रहा हो…”
रूहानी डर गई—
“शायरी! ये क्या हो रहा है तुम्हें?”
अयान ने शायरी की नब्ज़ देखी—
वो तेज़ी से गिर रही थी।
“ये उसकी रूह का असर है,”
अयान बोला,
“ज़ारा सिर्फ डराने नहीं आई…
वो हममें से किसी को पकड़ना चाहती है।
और शायरी…
उसका पहला निशाना बन रही है।”
रूहानी ने शायरी को जोर से पकड़ लिया—
“नहीं! वो मेरी दोस्त है!
कोई उसे नहीं छीन सकता!”
अयान ने रूहानी की आँखों में भय देखा
और उसका हाथ थाम लिया।
“हम उसे बचाएँगे…
किसी भी कीमत पर।”
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⭐ 4. हवेली का रहस्य खुलने के करीब
शायरी अचानक बेहोश हो गई।
अयान और रूहानी उसे उठाकर गेस्ट रूम में ले गए।
कमरा अँधेरा था।
जैसे कोई इंतज़ार कर रहा हो कि
वो लड़की अकेली पड़े
और रूह फिर उसे निगल जाए।
अयान ने झट से नीली चाक का घेरा बनाया
और शायरी को उसके अंदर लिटा दिया।
“ये घेरा उसे कुछ समय तक बचाएगा,”
अयान बोला।
रूहानी ने कांपते हुए पूछा—
“अयान… ज़ारा आखिर चाहती क्या है?”
अयान ने धीमी आवाज़ में जवाब दिया—
“वो कहती है कि
तुम्हारी रूह… उससे बंधी है।
और मुझे लगता है…
इस हवेली में…
तुम्हारे पिछले जन्म की कहानी दबी है।”
रूहानी का दिल जोर से धड़कने लगा।
“यानि…
मैं इस हवेली से…
पहले भी जुड़ी थी?”
अयान ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा—
“हड्डियों तक उतरने वाली ये डर…
यही बताता है कि
ज़ारा का बदला तुमसे ही पूरा होगा।”
रूहानी चिल्ला पड़ी—
“नहीं!!
मैंने किसी का क्या बिगाड़ा है?
क्यों वो बार-बार मुझ पर वार करती है?”
अयान ने उसे अपनी बाहों में समेट लिया।
“क्योंकि तुम…
उसकी कहानी का वो किरदार हो
जिसने उसके अतीत में
सब कुछ बदल दिया था।”
रूहानी की आँखें फैल गईं—
“मतलब…
वो मुझे मारना चाहती है?”
अयान ने उसके माथे को छुआ।
“हाँ…
लेकिन जब तक मैं हूँ,
कोई तुम्हें उँगली तक नहीं लगा सकता।”
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⭐ 5. ज़ारा का अगला निशाना तय
अचानक हवेली की घंटी ज़ोर से बजी।
टन्… टन्… टन्…
इतनी तेज़ कि खिड़कियाँ हिल उठीं।
अयान ने आँखें तरेरीं—
“ये इंसान की घंटी नहीं है।
ये रूहों की घोषणा है।”
रूहानी ने डरते हुए पूछा—
“घोषणा… किसकी?”
अयान ने हवा में उभरते शब्द पढ़े—
नीले धुएँ में लिखा हुआ—
> “अगली रात…
एक और जान जाएगी।”
रूहानी के कदम लड़खड़ा गए।
“कौन… कौन होगी वह?”
अयान ने ठंडे स्वर में कहा—
“जिसे ज़ारा…
तुमसे ज्यादा प्यार करते हुए देखेगी।”
और उसी पल
हवेली में अयान की कलाई से खून बहने लगा…
रूहानी की चीख निकल गई—
“अयान!!!
ये तुझे क्यों—?!”
अयान ने खून को हाथ से पोंछा,
चेहरा सफेद पड़ चुका था—
“क्योंकि ज़ारा जान चुकी है…
कि मेरी सबसे बड़ी कमजोरी…
तुम हो।”