महायुद्ध मंदिरभोर मंदिर। माया चक्र बनाए। "आ गए? भानु जागेगा!" गुंडे घेरा। झड़प। रमेश ने गुंडों को भगाया। विक्रम विराट से भिड़ा। "सच्चा बन!" विराट ने माया पर हमला। "मौसी, गलत!" माया हँसी, मंत्र। आग लगी। छायाएँ हमला। सनाया चक्कर खाई। पृथ्वी बचाया। "प्यार से हार जाओगी!"रुद्र ने भानु की फोटो जलाई। मंत्र उल्टा पढ़ा। माया चीखी। "नहीं!" तूफान। मंदिर ढहा। माया फँसी। विराट ने खींचा। पुलिस आई। माया गिरफ्तार। लेकिन विराट घायल। अस्पताल। अर्जुन आया, "भाई, सॉरी।"टूटा विश्वास, नई शुरुआतसनाया ठीक। बेटी सुरक्षित—नाम: आर्या। घर जश्न। लेकिन विराट की हालत गंभीर। बेड पर: "मैं... गलत। परिवार स्वीकार?" पृथ्वी ने हाथ थामा, "हाँ।" विराट मुस्कुराया, लेकिन आखिरी साँस। मर गया। सब रोए। कब्रिस्तान। रुद्र बोला, "खून ने खून लिया।"महीनों बाद स्टेशन पर नया साल। आरव-आर्या खेलते। सनाया-पृथ्वी पार्क में। "हम जीते।" चुंबन। विक्रम ने नई गर्लफ्रेंड इंट्रोड्यूस। रमेश ताली। रुद्र सिक्योरिटी प्रमोशन। ट्रेन सीटी—शांति। लेकिन एक यात्री उतरा। चिट्ठी हाथ में: "माया की बेटी आ रही। अंतिम बगावत।"
अंतिम बगावत, अमर प्यार आर्या की पहली मुस्कान ने दर्द मिटा दिया। विराट की मौत का सदमा हल्का। स्टेशन अब देश का बेस्ट। पृथ्वी अवॉर्ड जीता। सनाया सोशल वर्कर ऑफ द ईयर। विक्रम की शादी फिक्स। रुद्र प्रमोटेड। रमेश फैमिली में। आरव-आर्या भाई-बहन खेलते। लेकिन वो चिट्ठी: 'माया की बेटी आ रही। अंतिम बगावत।' रुद्र ने छिपाई। "शांति मत तोड़ो।"बेटी का सायासुबह स्टेशन। नई कर्मचारी—प्रिया मेहता, 28 साल, खूबसूरत, स्मार्ट। सॉफ्टवेयर इंजीनियर। पृथ्वी ने हायर। "वेलकम।" प्रिया मुस्कुराई, "फैमिली जैसा।" सनाया ने दोस्ती की। "आर्या दिखाओ?" लेकिन रुद्र ने फोटो मैच—माया की बेटी! प्रिया नाम गलत, असली नाम: तारा ठाकुर। माया ने जन्म दिया जेल में। ट्रेनिंग: बदला। प्लान: स्टेशन को तबाह कर भानु साम्राज्य।दोपहर ट्रेन डिले। प्रिया का कोड। यात्री गुस्सा। विक्रम ने नोटिस। रुद्र ने पुष्टि। शाम घर। "प्रिया तारा है!" पृथ्वी स्तब्ध। सनाया: "वो मेरी दोस्त?" रोई। पृथ्वी ने गले लगाया। "संभालेंगे। प्यार से।" रात रोमांटिक। "तुम्हारा साथ ही ताकत।" लंबा चुंबन। बच्चे सोए।साजिश का ताना-बानाअगले दिन प्रिया/तारा ने मीटिंग। "नया सिस्टम।" हैकिंग। रात को सनाया को मैसेज: "दीदी, स्टेशन पर आओ। सीक्रेट।" सनाया गई। गोदाम। तारा: "सच जानो। माँ ने कहा—राठौर ने सब छीना।" चाकू निकाला। सनाया चीखी। रमेश पहुँचा। फाइट। तारा भागी। सनाया सुरक्षित। अस्पताल चेक—बेटी ठीक।पृथ्वी गुस्सा। "ट्रैप!" रुद्र ने ठिकाना ढूँढा—पुराना स्टेशन शेड। विक्रम ने टीम। लेकिन तारा का वीडियो: "स्टेशन बंद, वरना क्रैश। भानु जिंदाबाद!" स्क्रीन पर। यात्री डरे। पुलिस आई। पृथ्वी स्पीच: "हम लड़ेंगे।"टूटन और एकताघर पर ड्रामा। विक्रम की फियान्से डरी, "शादी कैंसल?" विक्रम: "नहीं। फैमिली पहले।" रुद्र ने कबूला, "विराट की मौत मेरी गलती?" पृथ्वी ने सब इकट्ठा। "खून से ऊपर प्यार। एक हो।" सनाया बोली, "प्रिया को सुधारें?" इमोशनल हग। रमेश ने प्लान: रेड।रात शेड। तारा मंत्र पढ़ रही। भानु फोटो। "आ गए?" गुंडे। बड़ी फाइट। रमेश गोली खाई। विक्रम ने तीन गुंडे गिराए। रुद्र तारा से भिड़ा। "बहन, रुको! माया गलत।" तारा: "माँ जेल में मरी। बदला!" पृथ्वी आया। "बेटी, परिवार बन।" तारा टूटी। फ्लैशबैक: माया की कहानी। आँसू। सरेंडर।ग्रैंड क्लाइमेक्सलेकिन ट्विस्ट! तारा का बटन—स्टेशन पर बॉम्ब। टाइमर 5 मिनट। दौड़े। स्टेशन अफरा-तफरी। पृथ्वी सिस्टम में घुसा। प्रिया का पासवर्ड। डिफ्यूज। लेकिन आखिरी सेकंड। बम रुका। तारा रोई, "माफ़ी।" पुलिस ले गई। माया जेल में सुनी, टूट गई।अमर प्यार का जश्नमहीनों बाद। स्टेशन पर मेगा इवेंट। विक्रम शादी। सनाया बेटी आर्या के साथ। आरव फूल बरसाए। रुद्र स्पीच: "बगावत खत्म। सुर प्यार के।" पृथ्वी-सनाया डांस। "हमारी कहानी अमर।" चुंबन तालियों में। रमेश ठीक, नया अवॉर्ड। तारा काउंसलिंग से बाहर—स्टेशन पर क्लर्क। "नई जिंदगी।"ट्रेन सीटी बजी। दूर पहाड़ियाँ। कोई छाया नहीं। फैमिली एक। नई पीढ़ी—आरव, आर्या—हँसते। पृथ्वी बोला, "बगावत के सुर शांत। अब गीत जीवन के।" अंत।द बगावत के सुर: द एंड