मारोगे मुजे क्या तुम ए बुजदिल, आसां नहीं मेरी हस्ती मिटाना...

मैं तो सदियों तक जिंदा रहूंगा किताबों में, अमर होने का यही है फ़साना..

Hindi Shayri by Nish : 111538545
Kamlesh Ghorecha 2 years ago

ૐ શાંતિ 🙏

karansinh jadav 2 years ago

ઓમ શાંતિ🙏

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