Free Hindi Poem Quotes by Darshita Babubhai Shah | 111807152

मैं और मेरे अह्सास

पिघलाके दर्द को हौसला बनाया l
दिल ने फिर से आशियाँ बनाया ll

वजूद को जैसे तैसे संभाल के l
खुशियों का काफ़िला बनाया ll

सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह

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