टूटा बोतल
कौन पढ़ेगा किताबे इस भाग दौड़ की दुनिया में
टूटा बोतल देकर देखो है भेजे स्कूल में
खाके चाहे पी के ना आओ भिड़ जाओ स्कूल में
टूटा बचपन छूटा जवानी आपाधापी स्कूल में
कहां कहां से घुमा के मंजिल फिर लायी स्कूल में
छूट गया सो पाठ पढ़ाया घुमा-घुमा स्कूल में
टूटा बोतल…
अब ना ढूंढूंगा दुनिया को दुनिया को मुझे ढूंढने दो
सीकर कपड़ा करु गुजारा राम नाम में डूबने दो
जिसको ढूंढ़ा गली-गली वो अपने ही पास मिली
हेरत हेरत हे सखी पांव पंक में धंसी मिली
टूटा बोतल….
इतना पड़ों ना चक्कर में इस दुनिया के प्यारे
मधुशाला तक को ना पूछा जे प्याला ले के भागे
हर कली के भाग में है फूल ही हो जाना
महका के इस बगिया को चिर निद्रा सो जाना
टूटा बोतल….
चिट्ठा चढ़ा के भुट्टा खिलाना यहां आता सबको खूब है
ऐसे धीरे से खिसकना देखो कितना खूब है
गिट्टी से ना निकला पर पत्थर से हां निकलेगा
ठोक पीट कर गया तराशा मूरत बनके निकलेगा
टूटा बोतल…..