“तेरे होने का एहसास आज भी हर पल होता है,
तेरे चेहरे के दीदार को ये दिल आज भी तरसता है।
तुझे पाने की चाह अब भी दिल में बाकी है—
यूँ ही नहीं, तेरे एक इशारे पर तेरे साथ चल पड़ता हूँ।
उम्मीद के सहारे दिन काट लेता हूँ,
पर रात होते ही तुझे खो देने से डर जाता हूँ।
इसी डर में हर सुबह, हर दिन
किसी नए मंदिर के दर पर जा कर
तुझे माँग लेता हूँ…
बस कुछ ऐसे ही,
मैं आज भी तुझसे प्यार करता हूँ।”