उसका लौट आना
शायद मेरी पूरी ज़िंदगी को बिखेर देगा,
मैं यह सच जानती हूँ…
फिर भी दिल के किसी कोने में
उसका इंतज़ार अब भी बाकी है।
अजीब है ना ये पहला प्यार—
न उसे पूरी तरह अपना कह सकते हैं,
न दिल से पराया कर पाते हैं।
हम दोनों जानते हैं
कि रास्ते अब अलग हैं,
ज़िम्मेदारियों की दुनिया
हमारे बीच खड़ी है।
फिर भी जब उसकी आवाज़ सुनती हूँ,
तो लगता है
जैसे सालों पुराना कोई मौसम
अचानक लौट आया हो…
और दिल धीरे से कहता है—
कुछ रिश्तों को जीना नहीं होता,
बस उम्र भर महसूस करना होता है। 🌙