कुछ लोग खामोशियों में भी समझ लेते हैं,
और कुछ शोर मचाकर भी अनजान बने रहते हैं…
किसी के लिए मैं दुआ बन जाती हूँ,
और किसी के लिए मेरी खामोशी ही सबसे बड़ा जवाब होती है…
मैं हर किसी के लिए एक जैसी नहीं हूँ,
किसी के लिए सुकून हूँ… तो किसी के लिए एक अनसुलझा सवाल…
जो दिल से जुड़े हैं, वो मेरी चुप्पी भी पढ़ लेते हैं,
और जो सिर्फ ego में जीते हैं, उन्हें मेरे अल्फाज़ भी कम लगते हैं…
हर किसी को मेरा साथ नसीब नहीं होता,
कुछ लोग मेरी दुआओं में बसते हैं…
और कुछ, मेरी कहानी में सिर्फ एक सबक बनकर रह जाते हैं… 👑🔥